हुजुर अपने प्रिय नेता राहुल गाँधी आजकल ये कैसी राजनीती कर रहे है? दलितों के घर सोना ,खाना ,खाना और उनके घर जन मेरी समझ से परे है। साहब जरा सोच कर के देखिये की राहुल गाँधी के इस तरह की हरकतों से मीडिया में ये ख़बर जिस तरह से फैलती है और अचानक से दलित सुर्खियों में आ जाता है, जनाब बकया इन हरकतों से हम लोग या कांग्रेस पार्टी के ये नेता जातिवाद को फ़िर से फैला नहीं रहे है। जरा सोच कर देखिएगा। एक और बात की राहुल अमीर और गरीब के बीच की खायी को और बढ़ा रहे है। पिछले दिनों एक समाचार पत्र में राहुल गाँधी के हवाले से लिखा था की उन्हें गरीबो के घर जन अच्छा लगता है। इसका मतलब वो गरीबी मिटाने के लिए कुछ करने वाले नहीं है। क्या इन हरकतों से राहुल जी अमीर -गरीब और दलितों के मन में बैठी कुंठा को और बढ़ा नही रहे है। राहुल को इनके घर जाने ,खाना खाने से इतर जमीनी स्तर पर कुछ प्रयास और समाज के इन पिछडे तबको के लिए कल्याणकारी योजनाये शुरू करनी चाहिए। पार्टी ने प्रयास जरुर किए है लेकिन उनका जमीनी स्तर पर क्रियान्वन सच्चाई और ईमानदारी से होना चाहिए और इन सब योजनाओ का जरूरतमंद को लाभ भी मिले।
लेकिन इस तरह के राजनीती न हो की जो चीजे हमारी तरक्की में अवरोध है उन्हें बढावा मिले.
Sunday, November 1, 2009
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